AM-उत्थान प्रिय आमिल सच्चसँग उत्थान इन्सान का जीवन दो भागों में विभक्त है। पहला मन की सकूं-शांति के लिये आध्यात्मिक जीवन और दूसरा तन की सुख-सुविधा के लिये सांसारिक जीवन है। इन्सान का अपने…

AM-उत्थान प्रिय आमिल सच्चसँग उत्थान इन्सान का जीवन दो भागों में विभक्त है। पहला मन की सकूं-शांति के लिये आध्यात्मिक जीवन और दूसरा तन की सुख-सुविधा के लिये सांसारिक जीवन है। इन्सान का अपने…

AM – ਪਰਿਣਾਮ ਦੇਣਾ ਯਾ ਨਹੀਂ ਦੇਣਾ ਤੋਂ ਸਦਗੁਰੂ ਯਾਨਿ ਭਗਵਾਨ ਦਾ ਅਧਿਕਾਰ ਪ੍ਰਿਯ ਆਮਿਲ ਸੱਚਸੰਗ ਪਰਿਣਾਮ ਦੇਣਾ ਯਾ ਨਹੀਂ ਦੇਣਾ ਤੋਂ ਸਦਗੁਰੂ ਯਾਨਿ ਭਗਵਾਨ ਦਾ ਅਧਿਕਾਰ ਜਿੰਨਾਂ ਕਮਾਂ ਨੂੰ ਕਰਣ ਨਾਲ ਆਮਿਲ ਯਾਨਿ…

AM- स्वयमेव प्रिय आमिल सच्चसँग स्वयमेव जिस तरह नदी पहाड़ों से निकलती हैं, तो उसके पास अपनी मंजिल यानि समुद्र तक पहुंचने का कोई नक्शा नहीं होता। परन्तु वह नदी अपना रास्ता स्वयं बनाती…