AM- स्वयमेव प्रिय आमिल सच्चसँग स्वयमेव जिस तरह नदी पहाड़ों से निकलती हैं, तो उसके पास अपनी मंजिल यानि समुद्र तक पहुंचने का कोई नक्शा नहीं होता। परन्तु वह नदी अपना रास्ता स्वयं बनाती…

AM- स्वयमेव प्रिय आमिल सच्चसँग स्वयमेव जिस तरह नदी पहाड़ों से निकलती हैं, तो उसके पास अपनी मंजिल यानि समुद्र तक पहुंचने का कोई नक्शा नहीं होता। परन्तु वह नदी अपना रास्ता स्वयं बनाती…

AM- परिणाम देना या नहीं देना तो सद्गुरु यानि भगवान का अधिकार। प्रिय आमिल सच्चसँग परिणाम देना या नहीं देना तो सद्गुरु यानि भगवान का अधिकार। जिन कार्यों को करने से आमिल को सद्गुरु…

AM-मन पर नियन्त्रण प्रिय आमिल सच्चसँग मन पर नियन्त्रण इन्सान का अपने मन को अपने नियन्त्रण में करना असंभव तो नहीं परन्तु बहुत ज्यादा मुश्किल कार्य है। एक शब्द में कहूं तो मन ही…