AM-शेष प्रिय आमिल सच्चसँग शेष जो संतुलित नज़रियापूर्वक, साधना, प्रेयर, पुरूषार्थ और मार्केटिंग के साथ साथ स्मरण से कोशिश-कर्म करने वाले छोड़ देते है वह शेष भाग्य के भरोसे रहने वालों को…

AM-शेष प्रिय आमिल सच्चसँग शेष जो संतुलित नज़रियापूर्वक, साधना, प्रेयर, पुरूषार्थ और मार्केटिंग के साथ साथ स्मरण से कोशिश-कर्म करने वाले छोड़ देते है वह शेष भाग्य के भरोसे रहने वालों को…

AM-The Rest Dear Aamil सच्चसँग(True Alliance) The Rest The rest of what is left behind by those who make efforts with a balanced attitude, practice, prayer, effort and marketing along with remembrance of…

AM-विचारों का पुंज प्रिय आमिल सच्चसँग विचारों का पुंज मन विचारों का पुंज है। मन में विचार आते रहते है और जाते रहते है। यानि विचारों का ट्रैफिक चलता रहता है। इन…