AM- स्वयमेव प्रिय आमिल सच्चसँग स्वयमेव जिस तरह नदी पहाड़ों से निकलती हैं, तो उसके पास अपनी मंजिल यानि समुद्र तक पहुंचने का कोई नक्शा नहीं होता। परन्तु वह नदी अपना रास्ता स्वयं बनाती…
AM- स्वयमेव प्रिय आमिल सच्चसँग स्वयमेव जिस तरह नदी पहाड़ों से निकलती हैं, तो उसके पास अपनी मंजिल यानि समुद्र तक पहुंचने का कोई नक्शा नहीं होता। परन्तु वह नदी अपना रास्ता स्वयं बनाती…
AM- तेरी रज़ा में मेरी रज़ा प्रिय आमिल सच्चसँग तेरी रज़ा में मेरी रज़ा इसलिए मेरे आध्यात्मिक और संसारिक जीवन के उद्देश्य को प्राप्त करने के लिए मैं तेरा माध्यम…
AM- परिणाम प्रिय आमिल सच्चसँग परिणाम 1. मेरे मिशन का उद्देश्य मेरी पोस्ट्स को पढ़कर और उनका अनुसरण करके आपको यानि आमिल को अपने भीतर सद्गुरु यानि भगवान का एहसास करवाना है। दूसरा…