AM- कंट्रीब्यूशन प्रिय आमिल सच्चसँग कंट्रीब्यूशन हम सृष्टि के लगभग सारे 800 करोड़ इन्सानों से प्लस आने वाले इन्सानों से और माइनस जाने वाले इन्सानों से निवेदन करता हूँ कि वे अपनी शुद्ध…

AM- कंट्रीब्यूशन प्रिय आमिल सच्चसँग कंट्रीब्यूशन हम सृष्टि के लगभग सारे 800 करोड़ इन्सानों से प्लस आने वाले इन्सानों से और माइनस जाने वाले इन्सानों से निवेदन करता हूँ कि वे अपनी शुद्ध…

AM – ਠਗ ਪ੍ਰਿਯ ਆਮਿਲ ਸੱਚਸੰਗ ਠਗ ਇਸ ਦੁਨਿਆਂ ਦੇ ਲਗਭਗ 99.99 ਪ੍ਰਤਿਸ਼ਤ ਇਨਸਾਨ ਠਗ ਹਣ। ਤਦ ਪ੍ਰਸ਼ਨ ਇਹ ਉਠਦਾ ਹੈ ਕਿ ਜਦੋਂ 99.99 ਪ੍ਰਤਿਸ਼ਤ ਇਨਸਾਨ ਠਗ ਹਣ ਤਾਂ ਠਗਿਆ ਕੌਣ ਜਾਵੇਗਾ। ਇਸਦਾ ਉਤਰ…

AM- तेरी रज़ा में मेरी रज़ा प्रिय आमिल सच्चसँग तेरी रज़ा में मेरी रज़ा इसलिए मैं मेरे आध्यात्मिक और संसारिक जीवन के उद्देश्य को प्राप्त करने के लिए मैं तेरा माध्यम यानि निमित्त बनकर…